बाढ़ के पानी में तैरता एक गांव Log Kese Jite Haen Video Dekhe

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देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्से में हाल ही में तेज और मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बड़ी संख्या में हुई मौतों को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आकाशीय बिजली से जीवन को सुरक्षित करने के उपाय नागरिकों को सुझाए हैं और इन्हें अपनाने भी कहा है। तेज बारिश के दौरान सिर के बाल खड़े हो जाएं और त्वचा में झुनझुनी होने लगे तो समझिये आसपास कहीं बिजली गिरने वाली है, ऐसी स्थिति में लोगों को फौरन नीचे झुककर कान बंद कर लेना चाहिए।

 

तीन ओर से घेर लेती है नदी, नाले बन जाते हैं मुसीबत, बारिश में इलाज नहीं मिलने से मर जाते हैं ग्रामीण

बारिश का मौसम पिपरिया लोहार गांव के लिए मुसीबत बन गया है। गांव के लोग ब्लॉक मुख्यालय या जिला मुख्यालय जाने के लिए नाले और नदी को पार करते हैं। जान जोखिम में डालकर स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचाया जाता है। दरसल बेलखेड़ी ग्र्राम पंचायत के पिपरिया लोहार गांव को सुनार नदी ने तीन ओर से घेर लिया है। इसके अलावा इस गांव के पास से गुजरे नंगा नाला, डकैत नाला व बिछनी नाला भी मुसीबत बने हुए हैं। गांव के लोग नदी-नाले में बाढ़ आने पर या तो तैर कर पा करते हैं या टयूब के सहारे ब्लॉक व जिला मुख्यालय पहुंचते हैं

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के वृद्ध नर्मदा पटैल (80) की तबियत खराब हो गई। बाढ़ इतनी थी कि उन्हें अस्पताल तक नहीं ले जा पाए। जिसके चलते उन्होंने 17 जुलाई को दम तोड़ दिया। ग्रामीण इतने व्यथित हुए कि उन्होंने 18 जुलाई को बांस व लकडिय़ों के सहारे झूला पुल का निर्माण कर लिया। इसी पुल के सहारे अब बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं। वहीं महिलाओं को इलाज मुहैया हो पा रहा है

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गांव के तुलसीराम पटैल ने बताया कि 7 जुलाई को उनकी शादी थी, उसी दौरान तीनों ओर से नदी व तीनों नाले उफन पर थे। उस दौरान लकड़ी का पुल भी नहीं बना था। घर से तो दूल्हा बनकर निकले, लेकिन बिछनी नाला ट्यूब से पार किया तो सूट खराब हो गया। फिर रेनकोट पहनकर विवाह कराया और जब दुल्हन को लेकर वापस लौटे तब उसे भी ट्यूब के सहारे नाला पार करवाया।

VIDEO:बाढ़ के पानी में तैरता एक गांव, देखिए कैसे जीते हैं यहां के लोग

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