Christmas Poem Eassy in hindi क्रिसमस पर निबंध बाल कविता

Christmas Poem Eassy in hindi क्रिसमस पर निबंध बाल कविता

Christmas Poem Eassy in hindi क्रिसमस पर निबंध बाल कविता

Christmas Poem Eassy in hindi क्रिसमस पर निबंध बाल कविता

क्रिसमस पर निबंध  Christmas Eassy Nibndh

क्रिसमस का त्यौहार दुनिया में सबसे ज्यादा मनाने वाला त्यौहार हैं |इस दिन भगवान ईसा का जन्म दिन माना जाता हैं |यह त्यौहार इसाइयों का प्रमुख माना जाता हैं यह दिसम्बर माह में मनाया जाता हैं | साल के बड़े पर्वों में से एक क्रिस्मस है और इसे प्रभु ईसा के भोज दिवस के रुप में भी जाना जाता है। जिन्हें क्रिस्मस धर्म के लोगों द्वारा भगवान की संतान माना जाता है। ईसाईयों में क्रिस्मस के उत्सव की शुरुआत चार हफ्ते पहले से ही होने लगती है और इसके 12वें दिन पर समाप्ति होती है।क्रिसमस ईसाई धर्म के लोगों द्वारा हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है। क्रिसमस का त्यौहार इसाइयों के साथ पुरे भारत देश में सरकारी व निजी स्कुलो में भी मनाया जाता हैं ,इस दिन विद्यालयो में कई कार्यकर्म न्रत्य संगीत कलाकारों के द्वारा रंगा रंग प्रस्तुती व प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता हैं और बच्चो को मिठाई चोकलेट व इनाम वितरित की जाती हैं | इस उत्सव को लोग बहुत उत्साह और ढ़ेर सारी तैयारीयों तथा सजावट के साथ मनाते है।

इस पर्व में मिठाई, चौकोलेट, ग्रीटींग कार्ड, क्रिसमस पेड़, सजावटी वस्तुएँ आदि भी पारिवारिक सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदार और पड़ोसियों को देने की परंपरा है। लोग पूरे जूनून के साथ महीने के शुरुआत में ही इसकी तैयारीयों में जुट जाते है। इस दिन को लोग गाने गाकर, नाचकर, पार्टी मनाकर, अपने प्रियजनों से मिलकर मनाते है। प्रभू ईसा, ईसाई धर्म के संस्थापक के जन्मदिवस के अवसर पर ईसाईंयों द्वारा इस उत्सव को मनाया जाता है। लोगों का ऐसा मानना है कि मानव जाति की रक्षा के लिये प्रभु ईशु को धरती पर भेजा गया है।

 

क्रिसमस पर बाल कविता Christmas Par Bal Kavita

छुट्टीयों का मौसम है
त्योहार की तैयारी है
रोशन हैं इमारतें
जैसे जन्नत पधारी है

कड़ाके की ठंड है
और बादल भी भारी है
बावजूद इसके लोगो में जोश है
और बच्चे मार रहे किलकारी हैं
यहाँ तक कि पतझड़ की पत्तियां भी
लग रही सबको प्यारी हैं
दे रहे हैं वो भी दान
जो धन के पुजारी हैं

...

खुश हैं खरीदार
और व्यस्त व्यापारी हैं
खुशहाल हैं दोनों
जबकि दोनों ही उधारी हैं

भूल गई यीशु का जन्म
ये दुनिया संसारी है
भाग रही उसके पीछे
जिसे हो-हो-हो की बीमारी है

लाल सूट और सफ़ेद दाढ़ी
क्या शान से संवारी है
मिलता है वो माँल में
पक्का बाज़ारी है

बच्चे हैं उसके दीवाने
जैसे जादू की पिटारी है
झूम रहे हैं जम्हूरें वैसे
जैसे झूमता मदारी है

मैं ईश्वर के बंदों से डरता हूँ

हर ‘हेलोवीन’ पे मैं दर पे कद्दू रखता हूँ
लेकिन क्रिसमस पे नहीं घर रोशन करता हूँ
क्यों?
क्योंकि मेरे देवता तुम्हारे देवता से अलग है
लेकिन हमारे भूत-प्रेत में न कोई अंतर है

सब क्रिसमस के पहले खरीददारी करते हैं
मैं क्रिसमस के बाद खरीददारी करता हूँ
क्यों?
क्योंकि सब औरों के लिए उपहार लेते हैं
मैं अपने लिए ‘बारगेन’ ढूँढता हूँ

सब ‘मेरी क्रिसमस’ लिखते हैं
मैं ‘हेप्पी होलिडेज़’ लिखता हूँ
क्यों?
क्योंकि सब ईश्वर पे भरोसा करते हैं
मैं ईश्वर के बंदों से डरता हूँ

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